सर्व शिक्षा अभियान

सर्व शिक्षा अभियान का कार्यान्वययन वर्ष 2000-2001 से किया जा रहा है जिसका उद्देश्यर सार्वभौमिक सुलभता एवं प्रतिधारण, प्रारंभिक शिक्षा में बालक-बालिका एवं सामाजिक श्रेणी के अंतरों को दूर करने तथा अधिगम की गुणवत्ताद में सुधार हेतु विविध अंत:क्षेपों में अन्य- बातों के साथ-साथ नए स्कूकल खोला जाना तथा वैकल्पिक स्कूमली सुविधाएं प्रदान करना, स्कू‍लों एवं अतिरिक्ति कक्षा-कक्षों का निर्माण किया जाना, प्रसाधन-कक्ष एवं पेयजल सुविधा प्रदान करना, अध्याूपकों का प्रावधान करना, नियमित अध्यांपकों का सेवाकालीन प्रशिक्षण तथा अकादमिक संसाधन सहायता, नि:शुल्कल पाठ्य-पुस्तंकें एवं वर्दियां तथा अधिगम स्तयरों/परिणामों में सुधार हेतु सहायता प्रदान करना शामिल है। शिक्षा अभियान के दृष्टिकोण, रणनीतियों एवं मानदंडों में प्रारंभिक शिक्षा के विजन एवं दृष्टिकोण को शामिल किया गया है, जो निम्नालिखित सिद्धांतों द्वारा निर्देशित है :-
• राष्ट्री य पाठ्यक्रम ढांचा, 2005 यथा व्यािख्याियित शिक्षा का सम्पूदर्ण दृष्टिकोण और पाठ्यक्रम, शिक्षक शिक्षा, शैक्षिक योजना और प्रबंध के लिए उल्लेरखनीय निहितार्थों के साथ सम्पूठर्ण सामग्री और शिक्षा के प्रोसेस के क्रमबद्ध पुनरूद्धार के निहितार्थ।
• साम्योता का अर्थ न केवल समान अवसर अपितु ऐसी स्थितियों का सृजन है जिनमें समाज के अपहित वर्गों- अ.जा.,अ.ज.जा.,मुस्लिम अल्पासंख्य क, भूमिहीन कृषि कामगारों के बच्चेथ और विशेष जरूरत वाले बच्चेि आदि – अवसर का लाभ ले सकते हैं।
• पहुंच यह सुनिश्चित करने के लिए सीमित नहीं होनी चाहिए कि विनिर्दिष्टज दूरी के अंदर सभी बच्चेह स्कू ल पहुंच योग्यर हो जाएं परंतु इसमें पारम्पअरिक रूप से छोड़ी गई श्रेणियों- अ.जा.,अ.ज.जा. और अय् स धिक अपहित समूहों के अन्या वर्गों मुस्लिम अल्प संख्युक, सामान्यप रूप से लड़कियां और विशेष जरूरतों वाले बच्चोंे की शैक्षिक जरूरतों और दुर्दशा को समझना निहित है।
• बालक-बालिका सोच, न केवल लड़कों के साथ लड़कियों को बराबर करने का प्रयास है, अपितु शिक्षा पर राष्ट्री य नीति 1986/92 में बताए गए परिप्रेक्ष्यस में शिक्षा को देखना अर्थात महिलाओं की स्थिति में बुनियादी परिवर्तन लाने के लिए निश्चाायक हस्त क्षेप।
• उनको अभिनव परिवर्तन और कक्षा में और कक्षा से दूर संस्कृ्ति के सृजन के लिए प्रोत्साचहित करने के लिए शिक्षक की केन्द्री यता जो बच्चों9, विशेष रूप से उत्पीनडि़त और उपेक्षित पृष्ठ भूमि से लड़कियों के लिए समावेशी परिवेश पैदा कर सकती है।
• आरटीई अधिनियम के माध्य्म से अभिभावकों, अध्यालपकों, शैक्षिक प्रशासकों और अन्य हिस्से‍दारों पर दण्डांत्मेक प्रक्रियाओं पर बल देने की बजाए नैतिक बाध्यरताएं लगाना।
• शैक्षिक प्रबंध की अभिसारी और एकीकृत प्रणाली आरटीई कानून के कार्यान्वययन के लिए पूर्व-अपेक्षा है। सभी राज्योंे को उस दिशा में उतनी तेजी से बढ़ना है जितना व्यिवहार्य हो।

सर्व शिक्षा अभियान के राष्ट्रीऔय पोर्टल के लिए एमआईएस को लिंक करें :

• संयुक्त समीक्षा मिशन(link is external)
• सर्व शिक्षा अभियान, शिक्षा का अधिकार फ्रेमवर्क
• 4 वर्ष के, शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009
• सर्व शिक्षा अभियान के राष्ट्रीकय मिशन की शासी परिषद और कार्यपालक समिति का पुनर्गठन
• सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) कार्यक्रम, मध्यापह्न भोजन (एमडीएम) और राष्ट्रीेय माध्यिमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए) कार्यक्रम – इन कार्यक्रमों/स्की‍मों की मॉनीटरिंग के लिए जिला स्त(र की समिति का गठन
• आंशिक संशोधन – सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) कार्यक्रम, मध्या्ह्न भोजन (एमडीएम) और राष्ट्रीउय माध्ययमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए) कार्यक्रम – इन कार्यक्रमों/स्कीसमों की मॉनीटरिंग के लिए जिला स्तरर की समिति का गठन
• पढ़े भारत बढ़े भारत (समझ के साथ प्रारंभिक पठन एवं लेखन तथा प्रारंभिक गणित कार्यक्रम)
• एनसीईआरटी द्वारा विकसित पाठ्यक्रम रूपांतरों – विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (प्राथमिक स्तर) सहित
• “स्वच्छ भारत स्वच्छ विद्यालय” पर एक पुस्तिका (हिन्दी)

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